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Note for Introduction to Computer - IC By Rakesh Kumar

  • Introduction to Computer - IC
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Text from page-2

8. इंटरनेट के माध्यम से ठगी बहुत बडे पैमाने पर बढ गयी है Conclusion - िन कष अगर हम सही तरीके से इस तकनीक का पयोग कर, तो हमारे भिवष्य को बहुत बदल सकती हैै, लेिकन इसका गलत पयोग हमारे वतमान को भी खराब कर सकता है, आप तो जानते ही ह िक हम क यूटर कं ोल म नही ं यह हमारे कं ोल म है, इसका सही और सुरि त पयोग कीिजये advantages of computer in hindi language, merits and demerits of computer in hindi, essay on importance of computer in hindi, computer ka mahatva in hindi nibandh, hindi composition on computer, computer ka mahatva in hindi loading... ,,,, 2/2

Text from page-3

computer generations history in hindi - कं यूटर की पीढ़ी िहंदी में www.mybigguide.com /2016/02/computer-generations-in-hindi.html कं यूटर का शु आती दौर ऐसा ना था, यह शु आत म बहुत बड, भारी और मॅहग हुआ करते थे। समय के िहसाब से इसकी तकनीक म बहुत से बदलाव हुए, इन बदलवों से कं यूटरों की नई पीढीयों का ज म होने लगा, हर पीढ़ी के बाद कं यूटर की आकार-पकार, कायपणाली एवं काय मता म सुधार होता गया, तब जाकर आज के समय का कं यूटर बन पाया - पहली पीढ़ी के कं यूटर - First generation computer Timeline - 1942-1955 इस पीढी के कं यूटर म वै यूम यूब (Vacuum Tube) का पयोग िकया जाता था, िजसकी वजह से इनका आकार बहुत बडा होता था और िबजली खपत भी बहुत अिधक होती थी। यह यूब बहुत यादा गम पैदा करते थे। इन कं यूटरों म ऑपरिटग िस टम नही ं होता था, इसम चलाने वाले पोगामों को पंचकाड म टोर करके रखा जाता था। इसम डाटा टोर करने की मता बहुत सीिमत होती थी। इन कं यूटरों म मशीनी भाषा (Machine language) का पयोग िकया जाता था। तीसरी पीढ़ी के कं यूटर - Third generation computer Timeline - 1964-1975 यहॅा तक अ◌ाते अ◌ाते ांिज टर की जगह इंटीगेटेड सिकट (Integrated Circuit) यािन अ◌ाईसी ने ले ली और इस पकार कं यूटर का अ◌ाकार बहुत छोटा हो गया, इन कं यूटरों की गित माइ ो सेकंड से नेनो सेकंड तक की थी जो केल इंटीगेटेड सिकट के ारा संभव हो सका। यह कं पयूटर छोटे अ◌ौर स ते बनने लगे और साथ ही उपयोग म भी अ◌ासान होते थे। इस पीढी म उ च तरीय भाषा पा कल और बेिसक का िवकास हुआ। लेिकन अभी भी बदलाव हो रहा था। चौथी पीढ़ी के कं यूटर - Fourth generation computers Timeline - 1967-1989 िचप तथा माइ ोपोसेसर चौथी पीढी के कं यूटरों म आने लगे थे, इससे कं यूटरों का आकार कम हो गया और मता बढ गयी। चु बकीय िड क की जगह अधचालक मैमोरी (Semiconductor memory) ने ले ली साथ ही उ च गित वाले नेटवक का िवकास हुआ िज ह आप लैन और वैन के नाम से जानते ह। ऑपरेिटं ग के प म यूजस का पिरचय पहली बार MS DOS से हुआ, साथ ही कु छ समय बाद माइ ोसॉ ट िवंडोज भी कं यूटरों म आने लगी। िजसकी वजह से म टीमीिडया का पचलन पार भ हुआ। इसी समय C भाषा का िवकास हुआ, िजससे पोगािमंग करना सरल हुआ। पांचवी ं पीढ़ी के कं यूटर - Fifth generation computers Timeline - 1989 से अब तक Ultra Large-Scale Integration (ULSI) यूएलएसआई, ऑ टीकल िड क जैसी चीजों का पयोग इस पीढी म िकया जाने लगा, कम से कम जगह म अिधक डाटा टोर िकया जाने लगा। िजससे पोटबल पीसी, डे कटॉप पीसी, टे बलेट आिद ने इस ेञ म ांित ला दी। इंटरनेट, ईमेल, WWW का िवकास हुआ। आपका पिरचय िवडोंज के नये पों से हुआ, िजसम िवडोंज XP को भुलाया नही ं जा सकता है। िवकास अभी भी जारी है, आिटिफिशयल 1/2

Text from page-4

इंटेिलजस (Artificial Intelligence) पर जोर िदया जा रहा है। उदाहरण के िलये िवडोंज कोटाना को आप देख ही रहे ह। history of computer generation in hindi, generation gap in hindi language, history of computer in hindi language, generation of computer in hindi, computer history in hindi मिहलाओं के िलये हर तरह की जानकारी देखें loading... हमें सोशल मीिडया पर फॉलों करें - Facebook, Twitter, Google+, Pinterest, Linkedin, Youtube हमारा गुप जॉइन करें - फेसबुक गु प, गूगल गु प अन्य FAQ पढ हमारी ए ाइड एप्प डाउनलोड कर 2/2

Text from page-5

[computer keyboard information in hindi] जािनये अपने कम्प्यूटर की-बोड को www.mybigguide.com /2013/03/keyboard.html की-बोड कं यूटर का सबसे मह वपूण भाग होता है, अगर अ◌ाज की-बोड न होता तो शायद ये लेख टाइप न िकया गया होता, तो शायद आप इसका मह व समझ ही गये होग- की-बोड :-what is keyboard in computer की-बोड टाइपराटर जैसा उपकरण होता है िजसम क यूटर म सूचनाए दज करने के िलए बटन िदये गये होते ह िजन्ह हम की (key) कहते है । टाइपराइटर कीज:- Typewriters ् िहस्सा होता है, यह मुखय ् त टाइिपंग सम्बन्धी काय को करने म काम आता है, इन्ही ं की से हम िकसी भी भाषा म टाइप कर सकते ह, ये की बोड का मुखय ू र म फान्ट बदलना होगा। ् ट इसके िलये िसफ हमको कम्पय फ शन कीज :- Function Keys टाइपराइटर की के सबसे ऊपरी भाग म एक लाइन म एफ-1 से लेकर एफ-12 सं या तक रहती है। िकसी भी सा टवेयर पर काम करते समय इनका पयोग उसी सा टवेयर म दी गयी सूची के अनुसार अलग अलग तरीके से िकया जाता हैा कसर कंटोल कीज :- Cursor control keys ू र के सर को िनयंि त िकया जाता है, इससे आप कसर को अप, डाउन, ले ट, राइट आसानी से ले जाया जा सकता है, यह की बोड ् ट इन कीज से कम्पय पर ऐरो के िनशान से पदिशत रहती है। की-बोड पर ऐरो कीज के ठीक ऊपर कु छ और कसर क ोल कीज भी मौजूद रहती है। ये इस पकार है- पेज अप कीज :- Page Up keys इनका पयोग डा यूमट के िपछले प ृ ठ पर जाने के िलए िकया जाता है। पेज डाउन कीज:- Page Down keys इनका पयोग अगले प ृ ठ पर जाने के िलए िकया जाता है। होम की:- Home Key इसका पयोग कसर लाइन के शु म लाने के िलए होता है। 1/3

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