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Computer Organistaion and Operating System

by Bharat Kumar
Type: NoteInstitute: JAI NARAIN VYAS UNIVERSITY Views: 9Uploaded: 2 months agoAdd to Favourite

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Computer Organistaion and Operating System by Bharat Kumar

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Bharat Kumar
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Bharat Kumar
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Computer Fundamentals DCA 1st Sem UNIT–I • Brief History of Development of Computers • Development of Computer (कंप्यूटर का विकास) • • • June 17, 2016 16,368 Views 4 Min Read • • 17 Comments • Share This! • • Abacus:Computer का इतिहास लगभग 3000 वर्ष पुराना है| जब चीन में एक calculation Machine Abacus का अववष्कार हुआ था यह एक Mechanical Device है जो आज भी चीन, जापान सहहि एशिया के अनेक दे िो में अंको की गणना के शलए काम आिी थी| Abacus िारों का एक फ्रेम होिा हैं इन िारो में बीड (पकी हुई शमट्टी के गोले) वपरोये रहिे हैं प्रारं भ में Abacus को व्यापारी Calculation करने के काम में Use ककया करिे थे यह Machine अंको को जोड़ने, घटाने, गुणा करने िथा भाग दे ने के काम आिी हैं|
• • Blase Pascal:- • शताब्दियों के बाि अनेक अन्य याांत्रिक मशीने अांकों की गणना के लिए विकलित की गई । 17 िी शतादिी में फ्ाांि के गणणतज्ञ दिेज पास्कि (Baize Pascal) ने एक याांत्रिक अांकीय गणना यांि (Mechanical Digital Calculator) िन ् 1645 में विकलित ककया गया । इि मशीन को एांड ग ां मशीन (Adding Machine) कहते थे, क्योकक यह केिि जोड़ या घटाि कर िकती थी । यह मशीन घड़ी और ओ ोमीटर के लिद्धान्त पर कायय करती थी । उसमें कई दााँिेयुक्ि चकररयााँ (toothed wheels) लगी होिी थी जो घूमिी रहिी थी चकियों के दााँिो पर 0 से 9 िक के अंक छपे रहिे थे प्रत्येक चिी का एक स्थानीय मान होिा था जैसे –इकाई, दहाई, सैकड़ा आहद इसमें एक चिी के घूमने के बाद दस ू री चिी घूमिी थी Blase Pascal की इस Adding Machine को Pascaline भी कहिे हैं | • • Jacquard’s Loom:- • सन ् 1801 में फ्रांसीसी बुनकर (Weaver) जोसेफ जेकाडष (Joseph Jacquard) ने कपड़े बुनने के ऐसे लम ू (Loom) का अबबष्कार ककया जो कपड़ो में डडजाईन (Design) या पैटनष (Pattern) को काडषबोडष के तछद्रयक् ु ि पंचकाडो से तनयंबिि करिा था | इस loom की वविेर्िा यह थी की यह कपडे के Pattern को Cardboard के तछद्र यक् ु ि पंचकाडष से तनयंबिि करिा था पंचकाडष पर चचिों की उपस्स्थति अथवा अनप ु स्स्थति द्वारा धागों को तनदे शिि ककया जािा था|
• • Charles Babbage:- • कप्यूटर के इतिहास में 19 वी ििाब्दी को प्रारस्भभक समय का स्वर्णषम युग माना जािा है । अंग्रेज गर्णिज्ञ Charles Babbage ने एक यांबिक गणना मिीन (Mechanical Calculation Machine) ववकशसि करने की आवश्यकिा िब महसूस की जब गणना के शलए बनी हुई सारर्णयों में Error आिी थी चाँ ूकक यह Tables हस्ि तनशमषि (Hand-set) थी इसशलए इसमें Error आ जािी थी | • चार्लसष बैबेज ने सन ् 1822 में एक मिीन का तनमाषण ककया स्जसका व्यय बिहटि सरकार ने वहन ककया । उस मिीन का नाम डडफरें स इंस्जन (Difference Engine) रखा गया, इस मिीन में चगयर और साफ्ट लगे थे । यह भाप से चलिी थी । सन ् 1833 में Charles Babbage ने Different Engine का ववकशसि रूप Analytical Engine िैयार ककया जो बहुि ही िस्क्ििाली मिीन थी | बैवेज का कभप्यट ू र के ववकास में बहुि बड़ा योगदान रहा हैं । बैवेज का एनाशलहटकल इंस्जन आधतु नक कभप्यट ू र का आधार बना और यही कारण है कक चार्लसष बैवेज को कमप्यट ू र ववज्ञान का जनक कहा जािा हैं | • • Dr. Howard Aiken’s Mark-I:-
• िन ् 1940 में विद्युत याांत्रिक कम्प्यूटटांग (Electrometrical Computing) लशखर पर पहुुँच चक ु ी थी ।IBM के चार शीर्य इांजीननयरों ि ॉ. हॉि य आइकेन ने िन ् 1944 में एक मशीन विकलित ककया यह विश्ि का िबिे पहिा “विधत ु याांत्रिक कां्यूटर” था और इिका official Name– Automatic Sequence Controlled Calculator रखा गया। इिे हािय य विश्िविद्यािय को िन ् 1944 के फरिरी माह में भेजा गया जो विश्िविद्यािय में 7 अगस्त 1944 को प्रा्त हुआ | इिी विश्िविद्यािय में इिका नाम माकय- I पड़ा| यह 6 सेकंड में 1 गण ु ाव 12 सेकंड में 1 भाग कर सकिा था| • • A.B.C. (Atanasoff – Berry Computer) :- • सन ् 1945 में एटानासोफ़ (Atanasoff) िथा क्लोफोडष बेरी (Clifford berry) ने एक इलेक्रॉतनक मिीन का ववकास ककया स्जसका नाम ए.बी.सी.(ABC) रखा गया| ABC िब्द Atanasoff Berry Computer का संक्षिप्ि रूप हैं | ABC सबसे पहला इलेक्रॉतनक डडस्जटल कंप्यूटर (Electronic Digital Computer) था | • • • • Computer System Concept

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